सरकार के अध्यादेश का मजदूरों ने किया विरोध

मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर की जल्द वापस लेने की मांग

भारतीय जनता मजदूर यूनियन ने की समस्याओं के समाधान की मांग

शामली। भारतीय जनता मजदूर यूनियन एवं भारतीय लेबर यूनियन ने सरकार द्वारा श्रम कानूनों को तीन वर्ष तक स्थगित करने के अध्यादेश का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री से इस अध्यादेश को वापस लेने व मजदूरों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की है। मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि इस अध्यादेश को वापस नहीं लिया गया तो मजदूर सडकों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।

जानकारी के अनुसार भारतीय जनता मजदूर यूनियन के महासचिव सतेन्द्र कुमार ने गुरुवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सरकार द्वारा श्रम कानूनों को तीन वर्ष तक स्थगित करने के अध्यादेश का कडा विरोध करते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह अध्यादेश मजदूरों को उद्योगपतियों व ठेकेदारों द्वारा बंधुआ मजदूर बनाकर काम कराने के पक्ष में है जोकि संविधान की गरिमा के खिलाफ है। इस असंवैधानिक दायरे को खत्म करके सरकार बल्लभ भाई पटेल ने एक भारत बनाया। हर प्रकार के शोषण के खिलाफ भारतीय संविधान में हर भारतीय नागरिक को समता समानता का बराबर का हक दिया गया है। आज मजदूर कोरोना जैसी भयंकर महामारी के चलते भूखे प्यासे सडकों पर मर रहे हैं, मजदूरों की आर्थिक स्थिति पहले से भी ज्यादा खराब हो गयी है और लाॅक डाउन में सरकार ने श्रम कानूनों को तीन वर्ष के लिए स्थगित कर मजदूरों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अगर कोरोना महामारी और लाॅक डाउन को भूलकर मजदूर सडकों पर आ गया तो पूरे देश व प्रदेशों में सभी उद्योग पर ताले लग जाएंगे। उन्होंने उक्त अध्यादेश को तुरंत वापस लेने, मजदूरों के काम करने का समय 12 घंटे घटाकर 8 घंटे करने, सभी ट्रेड यूनियनों और मजदूर यूनियनों को पुनः मान्यता देने, यूनियनों को निरस्त करने का अध्यादेश सरकार वापस ले, उद्योगों की जांच करने का पूर्ण अधिकार श्रम विभाग के अधिकारियों को देने, दिहाडी मजदूरी कम से कम 400 रुपये 8 घंटे के समय पर देने, मजदूरों को राशन 8 किलोग्राम प्रति यूनिट करने, मजदूरों के विद्युत बिल व पानी के बिल माफ करने, किसानों और मजदूरों को कम से कम 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने, उद्योगों में लगे मजदूरों के लिए ईएसआई की सुविधा उपलब्ध कराने, उप्र में हर ब्लाक स्तर पर एक बडा उद्योग लगाया जाए ताकि वहां के मजदूरों व युवकों को रोजगार मिल सके।

 

भारतीय मजदूर संघ ने भी जताया रोष

भारतीय मजदूर संघ ने भी प्रदेश सरकार द्वारा श्रम कानूनों को निरस्त करने पर आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को सौंपा। संघ के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा ने चेतावनी दी कि श्रम कानूनों के साथ किसी प्रकार की छेडछाड को भारतीय मजदूर संघ स्वीकार नहीं करेगा, अगर सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो संघ आंदोलन करने को बाध्य होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से अपना फैसला वापस लेने की मांग की। इस अवसर पर प्रदीप कुमार, सुरेशचंद शर्मा, तेजपाल सिंह, विमल शर्मा, आदेश शर्मा, सुमंत तिवारी आदि भी मौजूद रहे।

 

गौकशी करता एक आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार

तीस किलो गौमांस व काटने के उपकरण बरामद

थानाभवन में बाग मालिक के पुत्र की हत्या में वांछित है पकडा गया आरोप

गढीपुख्ता। पुलिस प्रशासन के कडे रुख के बावजूद भी क्षेत्र में गौकशी के मामले रुक नहीं रहे हैं। गढीपुख्ता क्षेत्र के गांव बुंटा में भी ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने गुरुवार की तडके एक मकान में गौकशी की सूचना पर छापा मारकर एक आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया जबकि अन्य फरार हो गए। पुलिस ने तीस किलो गौमांस व काटने के उपकरण भी मौके से बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है वहीं पकडा गया आरोपी थानाभवन में बाग मालिक के पुत्र की हत्या में वांछित था जिसे थानाभवन पुलिस अपने साथ ले गयी  जबकि अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।

जानकारी के अनुसार शासन के गौकशी के मामले में सख्त कार्रवाई किए जाने के आदेश व पुलिस प्रशासन के कडे रुख के बावजूद भी क्षेत्र में गौकशी की घटनाएं रुक नहीं रही है। ऐसा ही एक मामला गढीपुख्ता क्षेत्र के गांव बुंटा में प्रकाश में आया है। गुरुवार की तडके करीब तीन बजे गढीपुख्ता पुलिस को सूचना मिली कि गांव बुंटा स्थित एक मकान में गौकशी की जा रही है, सूचना पर थानाध्यक्ष संदीप बालियान ने अपनी टीम के साथ बताए गए मकान पर छापा मारा जहां परिवार के लोग गौकशी करते मिले। पुलिस ने मुनीर पुत्र हसरत को तो मौके पर ही दबोच लिया जबकि जुबैर  पुत्र हसरत, नजराना पत्नी मुनीर व गुफ्फू उर्फ गुफरान पुत्र इश्वाक छत के रास्ते फरार हो गए। पुलिस ने मौके से तीस किलो गौमांस व काटने के उपकरण भी बरामद कर लिए। पकडा गया आरोपी मुनीर कुछ दिन पूर्व थानाभवन क्षेत्र के गांव खेडागदाई में हुई बाग मालिक के पुत्र की हत्या में भी वांछित था। गढीपुख्ता पुलिस की सूचना पर थानाभवन पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी तथा आरोपी मुनीर को अपने साथ थानाभवन ले गयी। गढीपुख्ता थानाध्यक्ष संदीप बालियान ने बताया कि पुलिस ने सभी मुख्य आरोपियों सहित सात-आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुनीर के खिलाफ भी गौकशी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, उसके खिलाफ थानाभवन थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज था जिसके बाद उसे थानाभवन पुलिस अपने साथ ले गयी है। गौकशी के मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है, आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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